जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शिया मुस्लिम महिलाओं के एक फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ महिलाओं ने ईरान से जुड़ी घटनाओं के विरोध में इस बार ईद को सामान्य तरीके से न मनाने का निर्णय लिया है, जिससे धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
जयपुर में विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाओं की एक बैठक में यह तय किया गया कि इस बार ईद को उत्सव की बजाय सादगी और शोक के रूप में मनाया जाएगा। उनका कहना है कि माहौल शांत रखा जाएगा और सामान्य जश्न नहीं होगा।
बताया जा रहा है कि इस फैसले को कुछ अन्य लोगों का भी समर्थन मिल सकता है। योजना के तहत कुछ लोग काली पट्टी या काले कपड़े पहनकर विरोध जताने की बात कर रहे हैं। साथ ही ईद की नमाज के बाद विशेष दुआ करने की भी चर्चा है।
शिया समाज के प्रवक्ता जाफ़र चकवा ने इसे भावनाओं और आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लोगों का अपने धार्मिक नेताओं से भावनात्मक जुड़ाव होना स्वाभाविक है।
हालांकि इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल इस फैसले को लेकर जयपुर समेत अन्य जगहों पर चर्चा जारी है और आने वाले समय में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।